मैं ही पानी बन जाती हूं तुम पर्वत, तुम शिखर, तुम आसमान, तुम्हीं सूरज, चलो मैं ही पानी बन जाती हूं, तुम खड़े रहो, तुम डटे रहो, तुम बरसों, तुम तपो चलो मैं ही बूंद बन जाती हूं, चलो मैं ही पानी बन जाती हूं, तुम उत्तम, तुम महानतम, तुम्हीं सर्वोत्तम, चलो मैं ही लघुत्तम बन जाती हूं, चलो मैं ही पानी बन जाती हूं, रुप, रंग, गंध आकार, सबसे दिगर नदिया में, समंदर में कठौती-कटोरों में मैं ही समा जाती हूं, चलो मैं ही पानी बन जाती हूं.